मेरा बेटा हुआ मेरा पति – मा बेटे की कहानी

*अगर किसी को इस कहानी की ऑडियो बनानीहो तो बना सकते हो कोई हर्ज नही.

मेरा नाम कामिनी है, उम्र 43, विधवा हु, पति जल्दी गुजर गये, मेरी मा बेटा कामेश उम्र 30 हम लोग साथ ही रेह ते है, लड़का जॉब करता है, मैने उसे काफी फ्री रखा है, हमारे घर हसी मजाक चलता रहता है, मेरा बेटा तो मेरा मजाक उडाने मे हमेंशा लगा पाड़ा रहता है.

अब थोडा मेरे बारेमे बताती हु, मै बाते करने मे एकदम फ्री हु, जैसे के मैने कहा कि मेरी उम्र 43, शादी भी जल्दी हुयी ओर पति जल्दी गुजर गए, मेरी ऊंची पाच फीट चार इंच, मेरे मंमे 41.5, कमर 33 की ओर गांड 43.5 की याने मै चुबी हु लेकिन अकर्षक हु, मेरी सहेलिया मुज़े हमेशा बोलती है के हमे तूझसे जलन होती है के तु इतनी चुबी होके के भी अकर्षक है, आज भी कोई भी तुम्हारे साथ शादी करेगा, खैर मै ट्रिपल D का ब्रा पहनती हु, एकदम गोरी हु मै,

तो ऐसा हमारा घर फ्री है, केयी बार मै ओर बेटा एकदूसरे को गले भी मिलते थे एकदम नॉर्मल था हमारे लिए, कयी बार तो बेटा मजाक मे बोलता था “अरे ममा तुम इतनी भी बूढी नही हो, आज भी कोयी भी तुम्हारे साथ शादी करेगा, आज भी तुम एक हॉट जवान ओर हो हाहाहा, मेरा बस चलता तो मै ही शादी करता तुम्हारे साथ हाहाहा, लेकिन जाने दो हाहाहा” मै भी उसे बोलती “कुछ भी ना, कुछ भी मजाक करता है तु, पागल कही का”

छुट्टी यो के दिन मेरा बेटा हमेशा नाके पे जाता था, दोस्तो मे खडा रेह ता था, उसे सिगरेट पीने की आदत थी, एकदिन ऐसे हुआ सुबह मै स्टोर मे गयी थी बारिश हो रही थी मैंने छाता लिया था देखा तो मेरा लड़का सामने नाके पे ही था, मैंने छाता आगे लिया मुझे उसका चेहरा दिख रहा था वो मेरी तरफ नही तो मेरे मंमो को देख रहा था, मुझे थोडा अजीब लगा, उसकी आखे मेरे मंमो से हटनेका नाम ही नही ले रही थी, मै घर आयी ओर मेरे रूम मे गयी आयीनेमे देखा तो मुझे ही अपने आप से शरम आने लगी, मेरी साडी थोडी आगेसे गीली थी वो मेरे ब्लाउज को चिपकी हुयी थी उस कारण मेरे मंमे उभर कर आरहे थे दीख रहे थे, साड़ी ट्रांसपैरंट होने के कारण मेरे मंमो की बीच की दरार भी दिख रही थी, साडी पीछेसे भी गीली थी उस कारण वो मेरे गांड को अच्छी खासी चिपकी हुयी थी, मेरी गांड भी पीछेसे उभर के दीख रही थी, कुछ देर मै वैसे ही अपने आपको अयीने मे देख रही थी मै मेरा योवन जवानी देख रही थी, थोड़ी देर मे फोन की रिंग बजी बेटेका फोन था बोला मुझे थोडी ही देर मे काम को जाना है, वो आया तायार होने लगा काम को जाने के लिए मै भी गीली थी इसलिए साडी बदल रही थी मेरे रूम मे, दरवाजा थोडा खुला ही था मुझे मालूम था वो चुपकेसे मुझे देख रहा है साडी बदलते हुए लेकिन मैने भी देखा अनदेखा किया, मेरे कंगन कुछ जादा ही बज रहेथे साडी बदल ते वक़्त इसलिए वो थोडा उत्तेजित हो रहा था, लेकिन जाने दो मुझे भी थोडी खुशी मिल रही थी कि कोयी तो मुझे छुपकेसे देख रहा है बेटा ही सही लेकिन कोयी तो देख रहा है.

शाम को वो घर आया, खुश था मुझे गले लगा जोरसे कहा मुझे प्रमोशन मिला, उसकी दादी याने मेरी मा भी सामने ही थी हम उसके सामने ही गले लगाके खडे थे, उसका पगार अब दो लाख होने वाला था, खुश था वो ओर हम भी, बोला मै थोडी देर बाहर जाता हु, थोडी देर मे मैंने भी सोचा कुछ मीठा लेके आती हु इसलिए मैने दादी को कहा ओर शॉपिंग को चली गयी, मुझे मालूम था वो नाके पे होगा, मैने मरून कलर की साडी पहनी थी, फिर वोही हुआ मै छाते मे थी वो सामने नाके पे था, बारिश हो रही थी वो फिर मेरे मंमे ही देख रहा था, मै स्वीट लेके घर आयी, मैने उसे चलते चलते एक टेक्स्ट किया “बेटे थोडा जल्दी आना आज साथ मे खाना खाते है, फिर तु चाहिये तो बाहर जा फिर से” बेटे कभी टेक्स्ट आया “बस अभी आता हु”
घर की बेल बजी मुझे मालूम था कामेश आया,
मैने मेरी मा को याने कामेश की दादी से कहा “मै साडी बदल के आती हु फिर खाना खाते है, लगता है बेल बजी जरा देखो तो” लेकिन मै मेरे रूम मे ही थी,
दादी ने दरवाजा खोला, कामेश ही था आते ही वो बोला “अरे दादी मम्मी कहा है?” दादी ने कहा वो “वो रूम मे साडी बदल रही है, तूभी तयार फ्रेश होजा साथ मे खाना खाएंगे” कामेश की आहत सुनी मैने, मैने जानबूज के कंगन के आवाज किए ताके उसका ध्यान जाए मेरी ओर, अब कामेश फिर से मुझे छुपकेसे देख रहा था साडी बदलते हुवे ये मुझे मालूम था,

थोडी ही देर के बाद हम खाने के टेबल पे आगये, फिर से उसने मजाक करना चालू किया मेरे शादी के टॉपिक पे, हम तीनो मै बेटा ओर उसकी दादी हम सब ये मज़ाक मेही ले रहे थे, तभी दादी ने कहा “एक काम कर बेटा तुही अपने मम्मी के लिए कोयी पति ढूंढ” थोडी देर मे खाना भी हुआ, वो थोडी देर के लिए फिर से नाके पे चला गया, सिगरेट पीके आके अपने रूम मे गया, हमारा घर याने एक हॉल दो बेडरूम ओर किचन, एक रूम उसका उसमे ही बाथरूम था काफी बडा क्यो के बाथटब भी था वहा, मै ओर मेरी मा याने कामेश की दादी हम एक रूम मे, दादी के रूम मे भी एक नॉर्मल बाथरूम था, अब आगे रात को मेरी नींद खुली किचन से कुछ आवाज आयी, देखा तो दादी तो मेरे बाजू मे थी फिर भी सोचा देख के आऊ, लिसलिए मै किचन मे गयी देखा तो कामेश था मेरा बेटा.

मैंन कहा “ohhhh कामेश बेटा, क्या हुआ नींद नही आरही?” उसने कहा “नही ममा मै बस खाली पानी पीने आया” मैने कहा “हा मै देख रही हु, लेकिन तुम किसी सोच मे डूबे हो, कोई टेंशन है क्या?” उसने कहा “अरे कुछ नही ममा मै पानीही पीने आया बस” मैने कहा “ओके, कुछ टेंशन है तो बताना बेटा” लेकिन वो कुछ बोला नही फिर मुझे मालूम था उसके दिलमे, दिमाग कुछ चल रहा है, वो परेशान है किसी चीज के लिये, हम वैसे ही खडे थे मैने उसे घुमाके मेरे सामने लिया ओर मैने कहा “बेटे तुम्हें कुछ बोलना है क्या?” फिर भी वो वैसे ही खडा था. अब मैने मेरी उंगली मेरे होटो पेली ओर उसके होटो पे रही इसका मतलब था चुप रहना, फिर मैने उसका बाया हाथ लिया ओर मेरे पल्लू के अंदर मेरे मंमो के ऊपर घुमाते घुमाते हल्कासा मेरे पेट की ओर लिया, एक उंगली उसकी मैने मेरी नाभी मे घुसा दि, मेरी नाभी तो अछिख़ासी डीप थी तो उसकी उंगली अछि घुस गयी मेरी डीप नाभी मे, काफी वक़्त उसकी उंगली मेरे नाभी मे थी अब उसने ही आपने दोनों हाथ मेरे पल्लू के अंदर लिए, मेरे मंमो को सहलाने लगा, दबाने लगा, फिर मैने हल्कासा पल्लू नीचे लिया ताके मेरा ब्लाउज के बाहर आये हुये मम्मों के बीच की दरार वो देख सके, रूम मे अंधेरा था लेकिन थोडा लाइट था हल्कासा, फिर मै घूम गयी अब उसका लंड पीछे था मेरी गांड उसकी ओर थी, उसका हाथ मैने पीछेसे मेरी साड़ी के पल्लू के नीचेसे लिया ओर मेरे मंमो पे रखा अब वो मेरे मंमे पीछेसे दबारहा था, मै भी मेरी गांड हिला रहीथी, फिर मैने मुह उसकी ओर लिया एक हात से उसका चेहरा पकड़ा ओर किस किया, मै हल्केसे गांड़ हिला ही रही थी वो भी थोड़ा हिल रहा था फिर मै सीधी खडी होगयी, फिर मैंने उसका चुंबन लिया नाके हमने एकदसरो को होटो पे चूमना शुरू किया अब हम एकदम लिप्स लॉक हो गये, काफी वक़्त लिप्स लॉक के बाद हम एकदूसरे को गले लगाके खडे एकदसरो के बाहो मे बाहे डालके खडे रहे काफी वक़्त तक, एकदम टाइट हग थी हमारी काफी समय हम वैसे ही गले लगाके खड़े थे मेरे मंमो को उसकी छाती महसूस हो रही थी, कुछ वक़्त वैसे ही थे हम लोग तभी मुझे कुछ हलचल सुनायी दी, एकदम होश मे आयी मे ओर कहा “जा कामेश बेटा अब रूम मे जाके आराम से सो जा” फिर हम अपने अपने रूम मे चले गये.

फिर मेरे मोबाइल मे टेक्स्ट आया कामेश का था “प्लीज मम्मी एक पीक भेजो” मै तुरंत ही बाथरूम मे गयी कुछ सेल्फी क्लिक किए ओर भेजे, तुरंत एक टेक्स्ट आया कामेश का “प्लीज टॉप भेजो” फिर मैंने ब्लाउज, ब्रा ओर खुले मम्मों के लेकिन मम्मों की
चुचीया नही दिख़ायी उसे, उसका एक टेक्स्ट फिर आया “मम्मी निपल चुचीया दिखाओ प्लीज”

फिर मैंने कहा “बाद मे बेटा, पक्का अब तुम कुछ दिखाओ” फिर मोबाइल बजा अब उसने भेजे थे उसके लंड के पिक्स काफी बडा था वो नाइन इंच तक लंबा ओर साड़े तीन इंच मोटा जाडा, मैने टेक्स्ट भेजा रिप्लाई मे “बापरे”, फिर एक दूसरो को किस भेजा, तभी बेटेका फिर से टेक्स्ट आया “ohhhh मम्मी आप कितनी हॉट हो, प्लीज ohhhh मम्मी आप शादी करो ना मेरे साथ” मैने भी टेक्स्ट किया “चल पागल कही का सोजा अब” फिर एक दूसरे को गुड नाइट किस भेज के हम सो गये.

दूसरे दिन वो जल्दी ही नाके पे गया, बीच के वक़्त मै मेरा काम कर रही थी साथ मे मेरी मा याने कामेश की दादी के साथ बाते भी कर रही थी, नाके दादी ही कुछ सुना रही थी ओर मै चुप चाप सुन रही थी, फिर मैंने उसे टेक्स्ट किया “कीधर हो” उसका मेसेज आया “नाकेपे, क्यो क्या हुआ” मैने मेसेज किया “ठीक है आजा थोडी देर मे ओर सुन अगर दादी कुछ बोलेगी तो खाली सुनना बाकी कुछ बोलना मत” उसका मेसेज आया “ओके, एनीथिंग सिरियस” मैने मेसेज किया “है थोडा सिरियस लेकिन तुम टेंशन मत लेना”

कुछ ही देर मे वो घर आया, मैंने उसको नाश्ता दिया, दादी भी उधर ही थी, सब शांत था, टॉपिक बदल ने के बहाने से उसने फिर से मेरी शादी के बारे मजाक मे बोलने लगा “चलो कही घूमने जाते है सब” तभी दादी ने कहा “अरे मेरी अब घूमने की उम्र नही रही, तु अपने मम्मी को ही लेके जा, वो भी कयी सालोंसे कही गयी नही उसका भी घूमना हो जाएगा थोडा” मैने तुरंत ही कहा “नारे बाबा अब मै भी नही आऊंगी इस उम्र मे” बेटे ने तुरंत ही कहा “अरे मम्मी आप इतनी बडी नही हो अभि, आज भी आप जवान ही हो कोयी भी शादी करेगा आप के साथ आज भी हाहाहा” तभी दादी ने तुरंत ही कहा “कोयी क्यो चाहिये, तू ही कर ना अपने मम्मी से शादी” अचानक उसका चेहर अजीब हुआ, हमने एकदूसरे के ओर देखा मैने उसे आखोसे चुप बैठने का इशारा किया, वो चुप बैठा.
दादी ने कहा “क्यो क्या हुआ, ऐसे भी तुम्हारी मम्मी अकेली ही है, उसे भी एक पति मिलजायेगा तूझे भी एक पत्नी मिलजायेगी वैसे भी तु बोलता ही था मै ही शादी करलेता फिर क्या बिघड़ा, करले शादी अपने मम्मी के साथ, डरना मत बाहरवालों के लिये तुम दोनो मम्मी बेटा रहोगे लेकिन घरमे तुम एक पति ही रहोगे, वो घरमे तेरी पत्नी बनके ही रहेगी नाके पत्नी ही बनेगी ना तेरी, बोल है क्या तैयार सोच ले, तैयार तो बोल डे” थोडी देर हम सब शांत थे, वो बोला “मै बाहर जारहा हु थोडी देर” दादी ने जाते जाते कहा “बताना सोच के बेटा”
जाते वक़्त मुझे कीचन मे मिला बोला “क्या हुआ”
मैंने कहा “कल रात को जो तेरे मेरे हुआ वो दादी ने देखा” उसने कहा “ohhhh” मैंने कहा “जा तु टेंशन मत ले, कुछ चिंता मत कर” फिर वो नाके पे गया.

मैंने कुछ ही समय मे उसे टेक्स्ट किया “दादी पूछ रही है शादी के बारेमे” उसका भी टेक्स्ट आया “हा मम्मी मै तैयार हु आप से शादी करने” मैने तुरंत ही दादी के साथ एक सेल्फी लिया ओर उसे भेज दिया. वो दोस्तो के साथ बाहर गया कहा के “आता हु थोडा देर होगा”
रात ग्यारह बजे वो आया,

उसकी रूम बंद थी, दादी ने कहा “तुम अब फ्रेश हो जा हमारी रूम इस्तेमाल कर, झब्बा पेहन ले आज अभी बारा बजे तेरा मुहूरत है” दादी ने सब तैयारी की थी, वो अब दादी के बाजू मे आके बैठा, मै भी अब बनठन के आगयी शादी की साडी पेहनके, उपरसे नीचे तक जेवर पेहनके तयार थी, वो मुझे देखता ही रहा तभी दादी बोली “कितना देखेगा अपनी सुंदर मम्मी को होनेवाली बीबी को, अब वो तेरीही अमानत है, बाद मे देख ते रेहना अभी शादी का मुहूरत है”

बारा बजे उसने मुझे मंगलसुत्र पहनाया, एकदुसरे को हार भी पेहनए, मेरा मंगलसूत्र एकदम लंबा था मेरे मम्मों से होके मेरे नाभी तक था, हमने सात फेरे लिये,
फिर विधी के वक़्त दादी ने कहा “कल रात मैने तुम दोनो मा बेटों को एकांत मे देखा, मै समझ गयी तुम दोनोंको एकदसरो की जरूरत है, कल कुछ बुरा होनेसे तो आज ही तुम दोनो को संभाल ना जरूरी है, ओर कामेश ऐसा कैसा लगा तुम्हे के मै तुम्हे मेरी बेटी कामिनी याने तुम्हारी मम्मी को टच करने दूंगी? वो मेरी बेटी ही है, उसका खयाल रखना मेरा काम है मै भला कैसे उसे खराब होने देती, खैर अब आज से मेरी बेटी तेरी पत्नि है तेरी अमानत है, आज से तू ही इसका खयाल रखेगा, अब तुम कुछ भी करो मै कुछ हरकत नही लूंगी, अब आज से तुम मेरे बेटे हो ओर तेरी मम्मी जो आजसे तेरी बीबी है उसकी मै सासूमा हु ठीक है, अब तुम पति पत्नी हो आज से मेरी कुछ हरकत नही तुम करो जो अब तुम्हे करना है” अब हम दोनोंने साथ मे दादी के पैर छूवे उसने आशीरवाद दिया ओर इशारा करके कामेश को उसकी रूम की चाबी देके उसके रूम मे जाने कहा.

मै फिर दादी के साथ थोडी देर बैठी, सासूमा ने दो ग्लास लाये, उसने कहा के ये ग्लास तु अपने बेटे को याने जो अब तेरा पति है उसे दे, उसने कहा “मैने कुछ जडी बूटी मिश्रण डाला है इस ग्लास मे जादा है ये तेरे पति को देना, समाज गयी ना” उसके स्माइल से मै समझ गयी के हमारी कामोत्तेजना जादा देर रहने केलिये कामोत्तेजक मिश्रण डाला है, फिर मै उसके रूम मे गयी,

उसके रूम मे जहा एक बेड था अब मैने बडा बेड लाया था वो भी चार पीलरवाला पुराने स्टाइल का, मच्छरदानी लगाते है ना वैसा. मै अंदर गयी दूध का ग्लास उसके हाथ मे दिया, मेरे हाथ मे जो ग्लास था उसका दूध मैने मेरी हातोसे उसे पिलाया उसने उसके हाथ का ग्लास का दूध मुझे पिलाया, थोडी देर हमने बाते कि, मैने बेड अच्छा खासा सजाया था, अब आगे थोडी देर बाते कि ohhhh अब तो वो अचानक उतावला हो गया, मुझे चूमने लगा गालोपे माथेपे लिप्स लॉक भी, अब उसे रहा नहीं गया उसने हाथ सीधा मेरे ब्लॉउज मे डालके मेरा ब्लाउज फाड दिया इतना जोर से फाडा के मेरा ब्रा भी खुल गया, ओर मेरे बडे बडे मंमे उछल के बाहर आके लटक ने लगे उछल ने लगे,
मैने कहा “आजी ये क्या, थोडा आराम से करो जी”
लेकिन वो कहा सुन रहा था उसने तो मेरी नाभी मे भी अपनी उंगली घुसेड दी “ओउच उच्च”
उसने कहा “कामिनी तुम क्या सुंदर हो, एकदम सेक्सी हॉट हो डियर”
अचानक उसने अपने हाथ मेरे साड़ी मे घुसेड के मेरी साड़ी निकाल दी वोभी मेरे साये ओर निकर के साथ ही मेरी साड़ी पूरी खीच के मुझे पूरा नंगा कर दिया जी, देखो ना जी कैसे उसने मुझे बेरहमी से नंगा किया जी ओर तो ओर खिच के मुझे बाथरूम मे लेके गया बाथटब मे ओर खुद भी नंगा हो गया, लेकिन अभी भी शादी का हार मेरे ओर उसके गलेमे था, अभीभी मेरे बदन पे सब गेहेने भी थे, अब हम दोनो पूरे नंगे थे लेकिन हार ओर गेहेने नही उतारे थे, उसने अब मेरे पैर फैलाए खुद के लंड़ को कसके साबुन लगाया ओर मेरे चुत मे घुसेड दिया अपना लंड, देखो जी कैसे घुसाया लंड मेरी चुत मे मै चैल्ला उठी “ऊओउच उई मा ऊओउच” अब उसने मुझे जोर जोर से चोदना शुरू किया, ठुकाई ओर तेजीसे होने लगी, मेरा कुंथना कामुक अवाजे आने लगी, मै भी कामप्रेमी बन गयी थी ज़ोर ज़ोर से कुंथना जारी था, अब उसने जोर का झटका दिया उसका आधा लंड़ मेरे चुत मे घुस गया था, अब तो मुझे रहा नही गया मै ओर भी चिल्ला उठी “आजी पतिजी थोडा धीरे जी, उई मा हाय रे मेरी कुवारी चुत हाय रे मेरी कोमल सी चुत प्लीज थोडा धीरे से चोदो मुझे, उई मा हाय रे मै तो मर गयी धीरेसे ठुकाई करो जी, कुछ तो तरस खाओ मेरी कामसीन कुवारी चुत पे जी ऊओउच ohhhh” लेकिन वो कहा सुन रहा था उसकी ठुकाई जोर से हो रही थी उसका बडा मोटा लंड मै मेरी चुत मे मेहसूस कर रही थी,
उसने कहा “ohhhh कामिनी मेरा भी लंड कयी सालोसे भूका है, आज मेरा लंड़ ओर मै कुछ नही सुनेंगे तेरा” अब वोभी कामुक अवाजे कर रहा था
हम बाथतब मे चुदायी कर रहे थे ज़ोर ज़ोर से, बाथतब का पानी भी हमारी चुदायी के कारण उछल रहा था, अचानक उसने अपने हाथ मेरे मम्मों पे लिये ओर मेरे
मम्मों को जोर से दबाया ओर जोर से काटा भी “ohhhh ओउउच उई मा ओउउच” उसने पूछा “कामिनी तुम्हारी साइज़ क्या है, तुम्हारे बॉल तो एकदम सही, कमर, पेट गहरी नाभी तो एकदम कयामत है, तुम्हारा पीछवाड़ा गांड़ तो एकदम गजब है डियर बोलोना तुम्हारी साइज़ क्या है”? मैने कहा “एकसोएक पॉइन एकचालइस के मंमे है मेरे, तिरासी की कमर है ओर एकसोनौ पॉइंट पाच मेरी चुतड़ गांड है मेरी” मै हस पडी, उसने फिर से पूछा “ohhhh क्या?” मै भी हस पड़ी ओर कहा “डरो मत सेंटीमीटर मे है ये साइज़” फिर उसने कहा “ये सब मुझे नही समझ ता” मै फिर से हस पडी ओर कहा “इकतालीस पॉइंट पाच इंच मेरे माममो की साइज़, तैंतीस की कमर, तैंतालीस की गांड चुत है मेरी” फिर उसने पूछा “क्या मै एक सवाल ओर पूछू?” मैने कहा “हाजी क्यो नही अब तो आप मेरे पति हो, पूछो जो पूछ ना है”
उसने कहा “ohhhh आपकी ब्रा की साइज़ क्या है?”
मैने कहा “ohhhh ब्रा की साइज़, तुम मर्दों को ओरतोके ब्रा मे भारी इंटरेस्ट, अछा ट्रिपल D का ब्रा पेहन ति हु, ohhhh जी थोड़ा धीरे चोदो जी उफ्फ ओउच प्लीज थोड़ा धीरे”

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लेकिन वो कहा सुन रहा था “ohhhh कामिनी आज तो मै तेरा पीछवाड़ा भी लूंगा आज तो मै तेरी गांड़ भी मरूँगा” मैने कहा “ohhhh नाजी आज तो अपनी सुहागरात है आज मेरी चुत पहले शांत करो जी, ऊओओ ओउच” वो बोला “इसलिए आज मै तेरी गांड मारके तेरा पीछवाड़े का उद्घाटन करूंगा” उसकी ठुकाई बढ रही थी, मै कामुकतेसे कुथ रही थी, वो ज़ोर ज़ोर से मेरे मंमे दबा रहा था उनको काट रहा था, ठुकाई बढ रही थी बाथतब का पानी ज़ोर ज़ोर उछल रहा था, अब एक ही जोर का झटका दिया ओर पूरी तरह मेरे ऊपर गिर गया, पूरी तरह जखेड दिया मुझे,
“ऊउच ऊओउच ohhhh ऊओउच” मैने भी एक आखरी हुदका दिया, उसका नउ इंच का लंड अब आछासा घुस गया था मेरे चुत मे, उसके लंड का पानी चिक मेरे चुत घुस रहा था, मेरे चुत से भी पानी छुट ना शुरू हो रहा था, हम एक दूसरे को गले लगके उसका आनंद ले रहे थे, हमारी ठुकाई पोउना घंटा चली लगभग, हम वैसे ही एकदूसरे को गले लगाके चीपके हुये पडे रहे बाथतब मे, शायद देड बजे होंगे हम बाथतब ही सो गये.

कुछ घंटों में ही नींद मेरी खुली, उसका लंड फिर से फनकारने लगा, हम ने एक दूसरे के ओर देखा, उसने हल्के से कान कहा “कामिनी, लोगी क्या पीछे, घुसाऊ क्या तेरे पीछे दूकान मे?” मैने खाली “ह्म्म” करके इशारा किया, मै अब पल्टी हो गयी उसने फिर से अपना लंड मेरे चुतड़ पे रखा ओर जोर का झटका दिया, “ohhhh ऊओउच थोडा धीरेजी, धीरे घुसाओ जी” पहले झटके मेही उसका आधा घुस गया जी मेरे चुतड़ मे मेरी गांड मे जी, फिरसे चुदाई फिरसे दर्द फिरसे कामुक आवाजे फिर से दर्द, मैंने कहा “ohhhh थोडा धीरेजी, आराम से जी कितना ये उतावला पन, ohhhh ऊओउच प्लीज थोडा धीरे, आज क्या आपने मेरी चुतड़ फाड़ ने का सोचा है क्या” लेकिन वो कहा सुन रहा है उसने बोला “कामिनी तेरे जैसी पत्नी मिलने के लिए नसीब लगता है, ओर आज मै किस्मतवाला हु” मैंने भी कहा “ओ‍हह हा जी थोड़ा आरामसे, अब आप मेरे पति हो मै आप की समपत्ति हु, ओजी लेकिन थोडा आराम से जी ऊओउच ”

फिरसे चुदाई फिरसे दर्द फिरसे कामुक आवाजे फिर से दर्द, फिर से टब के पानी की हलचल, तो उसने कहा “ओ‍हह ठीक है” उसने चुदाई का स्पीड कम किया लेकिन मेरेमे गर्मी ओर चढ गयी “oouch रुक क्यो गये ओर, तेजीसे please ओर चोदो, ऊउच चोदो मेरी चुतड़ को ओर ज़ोर से, कितने सालो के बाद मै कुछ ले रही हु मेरी चुतड़ मे इतना बडा मुला, ओ‍हह dear don’t dear, my dear hubby don’t stop fuck me harder, घुसाओ ओर मेरी चुतड मे”
अब दोनों के ठुकाई का स्पीड ओर बढ़ गया, वो पीछेसे उसकी चुतड़ चुद रहाथा ओर उसके मंमो को दबा रहा था, वो अपनी कमर आगे पीछे हीला हिला के मेरे कूल्हों को छोद रहा था ओर मैभी मेरी कमर आगे पीछे हिलाहिला के मेरी कूल्हों उससे चुदवा रही थी,
अब उसने एक ज़ोर का आखिरी झटका दिया, मै चीखी “आ उई मा ऊओउच” उसका पानी मेरे चुतड़ मे घुसने लगा, उसका गरम पानी मै मेरे कूल्हों मे महसूस कर रही थी, मेरी चुतड़ उसके गरम पानी से भर गयी थी, भरपूर गाढ़ा चिक गरम पानी मेरे चुतड़ मे था, घुस रहा था उसका पानी मेरी चुतड़ अब भर गयी उसके गाढ़े चिकसे, फिर हम वैसे ही पड़े रहे, फिर थोड़ीही देर मे हम बेड पे आके लेट गए.

मेरी चुतड़ उसके गरम पानी से भर गयी थी, भरपूर गाढ़ा चिक गरम पानी मेरे चुतड़ मे था, घुस रहा था उसका पानी मेरी चुतड़ अब भर गयी उसके गाढ़े चिकसे, फिर हम वैसे ही पड़े रहे, फिर थोड़ीही देर मे हम बेड पे आके लेट गए.

अब एक बार फिर से थोडा मेरे बारेमे बताती हु, मेरी शादी भी जल्दी हुई ओर मेरे पति जल्दी ही गुजर गये.
मै मेरी मा ओर मेरे बेटे के साथ रहती हु.

मै बाते करने मे एकदम फ्री हु, जैसे के मैने कहा कि मेरी उम्र 43, शादी भी जल्दी हुयी ओर पति जल्दी गुजर गए, मेरी ऊंची पाच फीट चार इंच, मेरे मंमे 41.5, कमर 33 की ओर गांड 43.5 की याने मै चुबी हु लेकिन अकर्षक हु, मेरी सहेलिया मुज़े हमेशा बोलती है के हमे तूझसे जलन होती है के तु इतनी चुबी होके के भी अकर्षक है, आज भी कोई भी तुम्हारे साथ शादी करेगा, खैर मै ट्रिपल D का ब्रा पहनती हु, एकदम गोरी हु मै. फिर दादीमा याने मेरी मा के कहने पर मैंने मेरे बेटे कामेश के साथ ही शादी की.

फिर हम बेड पे आके एकदूसरे को चूम के सोगए,
अगला दिन sunday था, मरी नींद जल्दी खुली मुझे कुछ अवाजे सुनायी दी इसलिए मैं बाहर आगयी देखा तो बाहर के रूम मे सब सामान बंधा हुआ था, मैंने मेरी मा को कहा “ये सब क्या है, इतनी सुबह कहा जा रही हो” उसने कहा “तीन दिन का हमारा शिबीर है मै वोही जारही हु ताके तुमको भी थोड़ी प्रायवसी एकांत मिले, मै नोट लिख के रखने ही वाली थी, क्यो तुम्हें तकलीफ दुना” मैंने कहा “इसमे डिस्टर्ब की कोन्सी बात है, ओर इतने सुभ सुभ जल्दी बस भी?” मैंने बहुत समझाया लेकिन वो माननेकेलिए तायर नही थी, उसने कहा “अरे तीन दिन की ही तो बता है, अब हम नौ बजेतक पहुच भी जाएँगे, सब लोग है वहा टेंशन की कोई बात नही, बस आएगी हमारी बाकी तेरा पति कहा है, सोया है ना?” मैंने कहा “कामेश हा वो सोरहा है रुको मै उसे बुलाती हु” माँने कहा “कामेश नही अब वो तेरा बेटा नही तेरा पति है उसे अब तूने आप, जी ऐसे रेस्पेक्ट से पुकारा करो, जानेदे उसे मत जगा तकलीफ मत दे सोने दे उसे” मैंने कहा “मा कुछभी मै आती हु बस रुको जरा”
मै बेडरूम मे गयी कामेश जो मेरा कल तक बेटा था जो आज मेरा पति है उसे कहा “आजी जरा सुनो ना, जरा उठो” उसने मुझे बेड पे ही खीचा ओर कहा “अरे आजाना बेड पे कहा चली” मैने कहा “मा तीन दिनोके लिये बाहर जारही है, थोड़ी देर बाहर आओ आप” कामेश ने मुझे फिर से खीचा बेड पे “आजाओ ना इतनी भी क्या अखडती हो” मैंने कहा “तुम थोड़ी देर के लिए बाहर आओ मदत करो उनको लगेज के लिये” मै तुरंत ही बाहर आगयी मेरे पीछे तुरंत कमेश भी आया बोला “अरे दादी येक्या” मा ने कहा ” अब ये सब कुछ नही आज से तू मुझे मा बोलते जा, अब मै तेरी मा हु ओर तेरी मा अब तेरी बीबी है, कामिनी खबरदार अब आगेसे तूने अपने बेटे कामेश को नाम से पुकारा तो, अब वो तेरा पति है” अब मैने मेरी मा याने जो अब मेरी सासूमा है उनके पैर छुए तभी उसने कहा “येक्या साथ मे पैर छूवो मेरे, अब सुन कामेश आजसे तीन दिन तू कही बाहर जाएगा नही घरसे यही रिवाज है, चलो मै अब निकलती हु” तभी कामेश ने कहा मै आता हू बस तक. निकलने से पेहेले एक बार फिर से चाय ली हमने.

बस जल्दी ही थी सुबह चार की, साड़े चार बजे वो आया भी जल्दी, लेकिन हमारी मेसेज पे बाते हो रही थी.

मेसेज
मैने मेसेज किया” आजी सुनते हो” ओर एक स्माइल भेजा.
उसने मेसेज किया “बोलो”
मैंने मेसेज किया “ओजी ओर कितनी देर जी”
उसने मेसेज किया “ohhhh darling, बस आयी है, आता हू तुरंत”
मैंने मेसेज किया “मेरी चुत तरस रही है”
उसने भी मेसेज किया “darling मेरा लंड़ भी तरस रहा है”
मैंने मेसेज किया “जल्दी आओ जी देखो ना बाहर कितनी अछी बारिश हो रही है”
उसने मेसेज किया “अलमारी मे एक व्हाइट टी शर्ट है वो पहनोगी क्या?”
मैंने मेसेज किया “तुम आओ तो सही, तुम्हारे पास एक्सट्रा चाबी भी है”

अब मै उसे रेस्पेक्ट से पति जैसे पुकारने बोलने लगी.
अब तो पती ही था वो मेरा, मुज़े मालूम था वो अब उत्तेजित होगा क्योके उसके चाय मे मैंने कमोउत्तेजक जड़िबूटी थी जो पेहेले मेरी मा थी अब मेरी सासू मा ने मुझे दि थी, खैर

अब वो आया रूम मे, मैंने ऊपर टीशर्ट ओर नीचे साड़ी का साया पेहना था, मैंने कहा “चाय लोगे थोड़ी” उसने “हा” कहा, मैंने उसे चाय दि, वो बेड पे था ओर मै जमीन पे बैठ गयी, एक कामुक म्यूजिक लगा था मैंने उस म्यूजिक मे डांस करना शुरू किया, अपनी गांड़ हिला हिला के नाचने लगी, उस म्यूजिक मे एक ओरत की कामुक आवाजे आरही थी मैंने भी उसी ताल मे, नाचना ओर कामुक अवाजे करना शुरू किया ना के कर ही रही थी. बाहर अच्छी खासी बारिश हो रही थी

अब वो आया उसने मेरे पैर खिचे, फैलाए मेरे पैर, वो अपने उतारते हुए मुझे बोला “कामिनी आज तो तूझे मै खूब चोदूँगा, चोद चोद के तेरी तेरी पूरी रस मालायी निकालूंगा” मैंने भी कहा “हा, ओजी मै कहा भागे जा रही हु लेकिन थोड़ा आरामसे जी” वो अब अपनी पैंट उतारने गया बेल्ट खोलते वक़्त वो थरथराने लगा, एकदम अजीब सा होगया वो मै समझ गयी कुछ तो गड़बड है, उसकी कामवासना इतनी उत्तेजित हुई के वो बैचैन होने लगा, उसने अचानक कहा “कामिनी ohhhh ममा मुझे कैसा तो अजीब हो रहा है” आखिर वो मेरा बेटा ही था ना मैंने कहा “रुकजा कामेश तू डर मत सब ठीक होगा, कुछ टेंशन मत लेना” उसका बदन काप रहा था, अब मुझेही उसको शांत करना होगा.

मैंने कहा “सुन खाली खडे रहो” अब मैंने उसकी पैंट उतारी, उसका लंड तना हुआ था, उसके शरीर के साथ उसका लंड भी काप रहा था, उसको पूरा नंगा किया मैंने, मैभी खड़ी होगी दीवार पे हाथ रख के मेरी गांड़ अब उसके तरफ थी मैंने कहा “अजी सुनते हो, अब आपका लंड मेरी गांड़ मे घुसाओ, सुनो जी मै क्या बोलती हु” उसने मेरा साया ऊपर किया मैंने ही उसे मदकी उसका कापता हुआ बदन मै महसूस कर रही थी. वो अपना लंड़ भी नही पकड़ पारहा था, वो इतना काप रहा था के पूरी तरह डर गया था. मैंने कहा “खाली खडे रहो” मैंने तुरंत ही हमारा शादी का हार उसे पहनाया ओर मैंने भी पहना, वो अभी भी काप रहा था मुझे मालूम था उत्तेजित जड़ीबूटी जो मैंने चाय मिलायी वो शायद जादा होगयी थी, वो काप रहा था मैंने कहा “सुनो जी मै क्या बोलती हु, सुनो डरो मत कुछ नहीं होगा तुम्हें” उसका डर मै महसूस कर रही थी
मै चीला के बोली “कामेश बेटे सुन मेरी बात सुन, ऐसे ही खडे रे” फिर मैंने उसका हाथ लिया ओर मेरे कमर से लिया, उसका लंड पकड़ के मैने मेरी गांड़ के छेद पे रखा. फिर मैंने कहा “बस ऐसे ही खडे रहो, अपना लंड़ मेरी गांड़ मे घुसाके, अब तुम मत हिलना, मै हलकिसी हिलती हु” फिर मैंने मेरा बदन हिला के गांड़ हिलाके उसका लंड मेरे गांड़ मे लिया, अब मैंने मेरी गांड़ टाइट करके सुकेड ली ताके उसका लंड अंदर ठीक ठाक रहे, ओर ना निकले, फिर मैंने मेरी गांड़ हलकिसी हिलाना शुरू किया, वो अभी भी काप रहा था, मैंने कहा “आओ थोड़ा आगे ओर मेरी मंमो को दबाओ, क्यो तुम्हें अछे तो लगते है ना मेरे मंमे, आओ दबाओ उनको” मैंने मेरा हाथ पीछे लिया उसकी गांड़ पकड़ी ओर हल्कासा खीचा मेरी ओर ताके उसका लंड ओर अंदर मेरी गांड़ मे घुसे” मैंने कहा” अब थोड़ी देर आप ऐसे ही खड़े रहो मेरे गांड़ मे लंड डाल के, हिलो ठीक है” मैं अब मेरी गांड़ हिला रही थी वो पिछेसे मेरे ममो को दबाने लगा मेरी चुचीयों को सहलाने लगा अब करीब सुबह के पाच बजे थे, मैंने उसका ध्यान बेटाने केलिए और कंफर्टेबल होने के लिये कहा, “देखो जी बाहर कितनी अछि बारिश हो रही है, सुबह के पाच बजे है, बाहर ठंडी बारिश, आपका लंबा मोटा लंड मेरी गांड़ मे, कैसा लग रहा है आप को” उसने भी कहा “हा ममा मुझे भी अब थोड़ा अच्छा लग रहा है” मैंने कहा “अरे ममा क्या, अब तो तुम मेरे पति हो” उसने भी कहा “ohh हा कामिनी, मुझे तुम्हारे गांड़ मे लंड डाल के अच्छा महसूस हो रहा है, लगता है असे ही खड़े राहु आप के गांड़ मे लंड डाले हुए” मैंने कहा “हाजी किसने ना किया है, बस अब थोड़ा और आपका लंड मेरे गांड़ मे पेलदो धीरेसे लेकिन” उसने भी अपना लंड मेरे गांड़ मे पेल दिया,
हम घंटों वैसे ही खड़े रहे, सुबह पाच से लेके छ बजने तक, एक घंटा मैंने उसका लंड मेरी गांड़ मे लिया था, मुझे भी मजा आरहा था और उसे भी, फिर उसने मुझे असली जोर दार चुदाई करना शरू किया.
कुछ ही समय के बाद उसका पानी मेरी गांड़ मे झट गया. फिर बेड पे लेट गए मैंने अभी भी शादी का हार पहना था और उसने भी.

उस दिन उसने मुझे खूब चोड़ा, तीन दिन मे माजी भी आगयी, बाहर वालो के लिए हम मा बेटे थे लेकिन घर मे हम पति पत्नी थे, थोड़े ही दिनों मे उसने अपना ट्रांसफर करवा लिया, हमने वो शहर छोड़ दिया,
अब हम पति पत्नी है और मुझे उससे एक बेटी भी हुई है, हम बहुत खुश है अछि जिंदगी जी रहे है.

कैसी लगी कहानी..

आपकी Mm
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