नौकर से बदन की मालिश कराई

हैलो दोस्तो,
मेरे ससुराल इटावा में मेरे ससुर जी, सासू मां और देवर विवेक तीनो अपने ही दुनिया में खोए रहते थे तो मैं यहां अकेले तन्हा महसूस किया करती थी और २६ साल की मचलती जवानी को जब तक कोई प्रेमी अच्छे से ना सुंधे और मसले तब तक साली नींद भी नहीं आती थी, फिलहाल तो पति से काफी दूर थी तो इधर उधर मुंह मारने का भी कोई खास इंतजाम नहीं था, एक विवेक तो दूसरा रामू और रामू को एक बार क्या अपना जिस्म सौंप दी वो तो साला मेरे गान्ड के पीछे ही चक्कर काटने लगा और एक दोपहर मुझे मौका मिला तो मेरे ससुर जी, सासू मां और देवर जी तीनों किसी रिश्तेदार के यहां गए थे और मैं घर में अकेली ही थी लेकिन अब तो रामू की बीबी कई घर का काम निपटा कर वापस आ जाती तो सोचने लगी कि आखिर रामू से कैसे चुद्वाया जाए और मैं झट से अपना मोबाइल उठाई फिर रामू को कॉल की, वो कॉल रिसीव किया ” जी मालकिन बोलिए
( मैं ) कहीं व्यस्त हो क्या
( वो ) नहीं मालकिन अभी तो खाना खाकर आराम करने की सोच रहा हूं और बीबी भी एक घर में पार्टी है तो देर शाम ही लौटेगी
( मै ) ठीक है फिर तुम आओ कुछ काम है ” मैं जाकर दरवाजा खोल दी फिर अपने रूम आकर अपने तन से साड़ी, पेटीकोट और ब्लाऊज़ उतार फैंकी और बेड पर पट लेट गई तो मेरा नंगा बदन देख रामू का उत्तेजित होना स्वाभाविक था फिर सोची की नग्न बदन पर चादर डाल लिया जाए तो एक चादर अपने बदन पर डाल दी लेकिन सिर्फ कमर से लेकर पैर तक को ढक रखी थी तो पीठ नंगा था साथ ही चिपक कर पट लेटने के कारण मेरी बड़ी बड़ी चूचियां थोड़ी बहुत तो उसे दिख ही जाती और कुछ देर बाद मुझे किसी के अंदर आने का एहसास हुआ ” मालकिन मालकिन आप किधर हैं
( मैं लेटी रही और बोली ) रामू दरवाजा बंद कर मेरे रूम आ जाओ ” कुछ पल में वो रूम में था तो मैं चेहरा पीछे की और ज्योंहि अपने कोहनी के बल हुई मेरे चूची का दर्शन उसे हुआ ” जी मालकिन बोलिए
( मैं उसे मुस्कराते हुए देखी ) अरे बुद्धू को का, देख नहीं रहे तेरी मालकिन के बदन में कितना दर्द है
( वो मुझे देख बोला ) दर्द को कैसे देखूं मालकिन बाकी तेल की शीशी लेकर अभी आया
( मैं ) अबे घोंचू, तेल क्रीम सब लेकर मैं चलती हूं कौनो हड्डी में दर्द थोड़ो ना है भीतरी चोट है तुम उस अल्मिरे को खोल तेल की शीशी लेकर इधर आओ ” अब मैं बेड पर बैठी तो चादर सिर्फ कमर से पैर तक ही था और मेरी दोनों चूचियां नग्न थी और वो तेल की शीशी लिए बेड के नीचे खड़ा था ” देखते रहोगे या मालिश भी करोगे, जाकर अपने पैर हाथ और खासकर औजार को धो लो वो भी शैंपू से ” वो वाशरूम घुसा तो मैं बेड पर से उतर गई फिर नंगे ही डायनिंग हॉल आकर एक बोतल ठंडा पानी फ्रिज से निकाली और वापस रूम में आईं तो देखी की रामू बेड के पास खड़ा है तो मुझे देख वो शर्म से सर झुका लिया लेकिन मैं उसके सामने जाकर उसके छाती को सहलाते हुए पैजामा के डोरी को कमर पर से खोल नीचे कर दी, अब उसका लंड नंगा था और वो खुद से अपना फूल बनियान उतार फेंका और मैं उसको अपने बाहों में लेकर चूमने लगी, ये भूल गई की रामू इस घर का नौकर है और मैं मालकिन तो उसके गर्दन से चेहरे तक को चूम रही थी कि वो मेरे गोल गुंबदाकार नितम्ब के मांसल हिस्से को पकड़ दबाने लगा, वैसे भी चूत और लंड के रिश्ते में धर्म, जाति और गरीब – अमीर का कोई मतलब नहीं लेकिन ये मेरी सोच है चूंकि गरीब मर्द के बदन की ताकत और उसके लंड से चुदवाने को लेकर मैं पहले से ही तैयार थी साथ ही उससे संतुष्टि मिलती ही है ऐसी बात मुझे मेरी एक सहेली ने बताई थी। रामू के ओंठ को मुंह में लिए जब चूसने लगी तो वो साला मेरे गांड़ के दरार में उंगली रगड़ता हुआ एक उंगली गान्ड में घुसा दिया, फिर गान्ड में उंगली रगड़ता हुआ मुझे गर्म कर रहा था और मैं बेशरम बेहया औरत उसके ओंठ को चूसने में लीन थी फिर उसके ओंठ छोड़कर उसको बेड पर धकेल दी और उसका पैर बेड से लटक रहा था तो बदन बेड पर था, अब उसके काले मूसल लंड देख मुंह में पानी आ गया और मैं बोली ” तू लेटा रहेगा मैं अभी आईं ” उसके सामने से चूतड लच्काते हुए किचन गई फिर वहां से टोमैटो सॉस की बोतल ले आई और अब हथेली पर सॉस लेकर उसके लंड पर लगाने लगी, फिर फर्श पर घुटनों के बल होकर रामू के लंड को पकड़ी तो मेरा जीभ उसके लंड को चाटने लगा और वो मुझे निहारे जा रहा था ” ओह उह मालकिन आप तो बहुत कामुक हैं
( मैं सुपाड़ा को जीभ से चाटने लगी ) हां रामू मुझे बस तेरे जैसा गबरू जवान चाहिए जिससे चुदाई करवा कर चूत को शांत कर सकूं ” और रामू के आधे से अधिक लंड मुंह में लिए चूसने लगी साथ ही मुंह का झटका देते हुए मुखमैथुन का आनंद दे रही थी तो आज की दोपहर मुझे रामू के साथ सेक्स कर एंजॉय करना था, उसके लंड को मेरे मुंह का प्यार मिल रहा था तो लंड मुंह में और अकड़ने लगी फिर मैं बोली ” चल अब उठ और अपना लंड धोकर आ ” वो वाशरूम चला गया तो मैं पानी पीकर डायनिंग हॉल चली गई…. to be continued.

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Linga11

I am here to share incidence which happened / not happened in my life.I love to write but have strong love for writing incest or porn stories.I think you readers will enjoy my stories reading in a free time and while thinking about its situation.I know your sexual organs will than be in fire.
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