नौकर से बदन की मालिश कराई : भाग-३

पाठकों,
पिछले भाग के आगे की वाक्या, दीपा की जवानी और मेरी जुबानी…. मैं फर्श पर बिछे बेड पर कोहनी और घुटनों के बल थी तो मेरे जिस्म पर नौकर के हाथ तेल मालिश हुई थी, वैसे भी पिछले एक सप्ताह में मैंने तीन तीन मर्दों के साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाया लेकिन मेरे पति नमन वो बेचारे मुझे शादी के भीड़भाड़ वाले माहौल में छु तक नहीं पाए और मुझे क्या पता की वो भी दूसरी औरतों के साथ सेक्स करते हों तो दीपा की जवानी कई कहानी बयां कर रही थी, मेरे छोटे भाई ने मेरे बुर की कौमार्य को भंग किया तो मेरी शादी मेरे पेरेंट्स ने कम उम्र में ही करा दी ताकि चढ़ती जवानी में मेरे पैर ना फिसल जाए और मैं किसी लड़के के साथ मुंह काला कराकर समाज में बदनाम ना हो जाऊं लेकिन मेरे डैड और मॉम को क्या पता कि बड़ी बहन को छोटा भाई ही चोदे जा रहा था तो एक बार सेक्स का मजा क्या मिला, पीछे मुड़कर नहीं देखी और शादी के बाद भी अपने आदत से बाज नहीं आए, भाई से जो लड़की चुदवा सकती हैं वो किसी के साथ हमबिस्तर हो सकती है। दीपा अब २६ वर्षीय शादीशुदा महिला है तो अब मेरे डैड और मॉम का मुझपर कोई बंदिस नहीं तो पति को क्या मालूम कि उनके दोस्तों के साथ मैं किस क़दर रंगरेलियां मना रही हूं, बस बच्चा पैदा नहीं करना है ताकि मचलती जवानी का मजा ले सकूं और जिम्मेवारी से बच सकुं।
दीपा बेड पर डॉगी स्टाईल में है तो घर का नौकर रामू मेरी चूत में लंड पेल गचागच चोदने लगा और देहाती का लौड़ा मानो मेरी चूत को सुई दे रहा हो, एक तो उसका लम्बा लंड उसपर से कड़ा मानो लोहे की सलाख मेरी कोमल योनि में धक्का दे रहा हो लेकिन ऐसे लंड की तो मैं गुलाम हूं जोकि चूत को दर्द भी दे और फिर उसे गर्म कर ठंडा भी कर दे, मैं अब चूतड को हिलाते हुए चिंख्ने लगी ” ओह उह रामू तू जोर से चोद और तेज आह बुर में लंड हो तो फिर कुछ नहीं सूझता बस चोदता रह इस रण्डी को
( वो मेरे सीने से लटकते चूची को पकड़ दबाने लगा ) मालकिन आप कोई रण्डी नहीं है बल्कि मालिक के लंड से आपको संतुष्टि नहीं मिलती होगी इसलिए
( मैं चूतड हिलाते हुए पीछे देखी ) अबे कुत्ते तुझे अपनी चूत क्या दे दी तू तो मेरे पति को ही नामर्द कहने लगा, चल लंड बाहर कर ” वो डर सा गया और मैं बेड पर से उठी फिर उसके हाथ पकड़ बोली ” चल वाशरूम तू पति के बारे में ऐसा बोला अभी सजा देती हूं
( वो हाथ जोड़ने लगा ) गलती हो गई ” फिर उसको वाशरूम लाई और मैं जांघें फैलाए बोली ” बुर को चूस और मैं तेरी मुंह मुतुंगी
( वो मेरे सामने घुटनों के बल हुआ ) मालकिन चूत चूसता हूं लेकिन मुंह में प्लीज़ पिसाब नहीं कीजिएगा
( मैं एक पैर हवा में किए ) चूस साले मुतूंगी फिर देखना क्या स्वाद है ” और वो मेरे चूत के फांकों को मुंह में लिए चूसने लगा साथ ही मेरे गोल गद्देदार चूतड को सहला रहा था तभी मैं उसके सर के पीछे हाथ लगाए उसके मुंह में ही मूत दी तो उसे मेरी चूत से निकला मूत की धार को पीना पड़ा फिर वो मुझे छोड़कर मुंह में पानी डाले कुल्ला करने लगा ” मालकिन मुंह में मूत दी लेकिन किसी को मत बताना
( मैं उसके लंड को पकड़ बोली ) क्यों मेरी सासू की मूत नहीं पिएगा ” और फिर मैं उसके लंड हिलाते हुए बोली ” यहीं पर खड़े खड़े चोद ” फिर मैं उसके सामने जांघें फैलाकर खड़ी हुई तो एक पैर सामने दीवार पर सीधे रखी और मेरी फैली जांघों के सामने लंड पकड़े रामू ने बुर में लंड घुसाने लगा तो नीचे की ओर से थोड़ा लंड अंदर गया फिर फिसल कर बाहर आ गया तो मैं अपने दूसरे पैर को थोड़ा सा जमीन से उठाई, अब लंड को पकड़ रामू चूत में घुसाया फिर मेरी कमर में हाथ डाले चोदने लगा। रामू का मूसल लंड गपागप चूत के अंदर बाहर होने लगा तो मैं उससे लिपटकर उसको चूमने लगी तो मेरे मुलायम बूब्स उसके छाती से रगड़ा खा रहे थे और अब रामू मेरे पैर पकड़े हुए दनादन चोदने लगा, इतने में मुझे उसके बदन से लटककर चुदवाने की इच्छा हुई तो इशारे से बोली और फिर अपने दूसरे पैर उसके कमर में लपेट उसके कंधों में हाथ डाले उसके बदन से लटक गई तो रामू का लंड मेरी चूत से फिसलकर बाहर आ गया।
रामू के कमर से मेरी कमर चिपकी हुई थी तो वो मुझे कसकर पकड़े हुए एक हाथ मेरी गान्ड की ओर ले गया फिर लंड को पीछे की ओर से ही मेरी चूत में घुसाने लगा, अब लंड आधा से अधिक अंदर जा चुका था तो मैं खुद अपने चूतड को थोड़ा नीचे की ओर कर पूरा लौड़ा हजम कर ली तो रामू खड़े खड़े मेरी कमर पकड़े नीचे से झट्टका देता हुआ बुर चोदने लगा लेकिन मुश्किल से दो मिनट तक चोद कर मुझे जमीन पर उतारा। दीपा अब गर्म होकर उसे फर्श पर बिठाई फिर अपनी हथेली पर थूक कर चूत पर लगाई और अब रामू के लंड के ऊपर चूत को किए उसके कंधे पर हाथ रख दी तो रामू लंड पकड़ मेरी चूत में घुसाया और मैं चुदक्क़ड की तरह अपनी चूतड नीचे की ओर कर चुदाई का मजा लेना लगी तो रामू अब मेरे पीठ में हाथ डाले नीचे से ही लंड का धक्का बुर में देने लगा तो मैं अपनी चूतड उछाल उछालकर चुदाने लगी, दो जिस्मों का मिलन हो रहा था तो मेरी बुर में अब कोई सुरसुरी नहीं थी आखिर ८-९ मिनट से देहाती लंड उसे चोदे जा रहा था और अब मै चूतड उछाल उछालकर हांफने लगी ” ओह रामू तुम्हारा लंड कितना दमदार है
( वो मेरी बुर में पेले जा रहा था ) ओह मालकिन अपनी गान्ड तेजी से उपर नीचे कीजिए मैं झड़ा ” और मेरी गरम चूत में उसके लंड से वीर्य स्खलित होकर उसे शांत कर दी, अब चूत से वीर्य नीचे चुने भी लगा तो मैं किसी तरह उसके गोद से उठी, दोनों पैर में दर्द था तो कमर मानो शून्य पड़ गई थी और बुर तो बुर है, उसकी लहर शांत तो हुई लेकिन मीठा एहसास अंदर था, फिर झरना के नीचे बैठ स्नान की और रामू अपना कपड़ा पहन घर से निकल गया तो मैं नंगे ही जाकर दरवाजा बंद की फिर बेड पर नंगे ही सो गई।

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Linga11

I am here to share incidence which happened / not happened in my life.I love to write but have strong love for writing incest or porn stories.I think you readers will enjoy my stories reading in a free time and while thinking about its situation.I know your sexual organs will than be in fire.
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